भौगोलिक और भौतिक विशेषताएं

जिले की पूर्वी सीमाएं के रूप में अरावली की श्रंखला है और दक्षिणी सीमा सुमेरपुर तहसील के बामनेरा गाँव तक फैली हुई है| पश्चिम में लूनी नदी की कई सहायक नदियां बहती है| जिले के पश्चिमी भाग में लूनी नदीं का जलोढ़ मैदान फैला हुआ है| यह जिला 8 जिलो से घिरा हुआ है, उत्तर में नागौर जिला, उत्तरपूर्व में अजमेर जिला, पूर्व में राजसमंद जिला, दक्षिणपूर्व में उदयपुर जिला, दक्षिणपश्चिम में सिरोही जिला, पश्चिम में जालोर और बाड़मेर जिला और उत्तरपश्चिम में जोधपुर जिला स्थित है| पाली जिले के अधिकतर भागो की ऊँचाई समुन्द्र तल से 200 से 300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, लेकिन पश्चिम की तरफ अरावली की श्रंखलाओ की ऊँचाई के कारण औसत ऊँचाई लगभग 600 मीटर है और कुछ स्थानों पर ऊँचाई 1000 मीटर से भी ज्यादा है|

प्राकृतिक भूगोल

 

जिले का क्षेत्र उप पहाड़ी नाम से भी जाना जाता है और लहरदार मैदानों में यहाँ वहां छोटी छोटी पहाड़िया फैली हुई है| जिले के दक्षिणपश्चिमी क्षेत्र में अरावली पर्वत श्रंखलाए फैली हुई है| जिनकी चोटी सबसे ऊँची चोटी की ऊँचाई लगभग 1099 मीटर है| मैदानों की सामान्य ऊँचाई 180 से 500 मीटर के बीच है और ढलान पूर्व से पश्चिम की और है| पाली शहर समुन्द्र तल से लगभग 212 मीटर की ऊँचाई कर स्थित है| जिले की मिट्टी मुख्यतय रेतीली दोमट है और जल स्थर सामान्यतया धरातल से 15 मीटर निचे है|

 

पाली जिले में कोई चिरस्थायी नदीं नहीं है| लूनी नदीं की चार सहायक नदीया – सुकरी, लिलरी, बांडी और जवाई नदीया जिले में से प्रवाहित होती है| इनके अलावा बहुत सी छोटी-छोटी मौसमी नदिया जिले से प्रवाहित होती है| यहाँ पर कोई झील और प्राकृतिक झरने नहीं बहते है| यहाँ छोटे- बड़े कई तालाब है जिनका उपयोग सिंचाई के लिये किया जाता है| इनमे से क्षमता के अनुसार जवाई बांध सबसे बड़ा बांध है जबकि वालर तालाब सबसे छोटा है| इन तालाबो के अलावा यहाँ 5 बांध ओर है| जवाई रायपुर लूनी, हेमावास, खारडा और बिराटिया खुर्द बांधो का मूल रूप से सिंचाई के लिये उपयोग किया जाता है|

 

जलवायु

                                   

जिले की जलवायु पूर्णतया शुष्क है और गर्मियों में बहुत गर्म और सर्दियों में ठंडी है| साल का सबसे ठंडा महिना जनवरी और मई से जून शुरुआत के दिनों तक का समय सबसे गर्म होता है| सामान्यतया वार्षिक औसत वर्षा 50 से 60 से.मी. है| दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय आर्द्रता ज्यादा रहती है| बाकि समय पुरे साल गर्म हवा चलती है| जिले की औसत आर्द्रता प्रतिशत लगभग 60 से 70 रहती है|

 

 

भूविज्ञान और खनिज

 

जिले की भूवैज्ञानिक संरचना विभिन्न आग्नेय, अवसादी चट्टानों से मिलकर बनी है|